सुप्रभातम्

अत्यन्त क्रोधी स्वभाव, बातचीत में कठोर अपशब्दों को प्रयुक्त करने वाला, दरिद्र, अपने स्वजनों वैर करने वाला, सदैव नीच व्यक्तियों के संसर्ग में रहने वाला, तथा कुलहीन व्यक्ति का सेवक होना, ये सभी चिह्न जिस व्यक्ति में होते हैं उसे नारकीय जीवन जीना पडता है |

— चाणक्य

Suprabhatam - Extreme of anger, harsh speech, poverty, enmity with relatives

अत्यन्तकोपः कटुका च वाणी दरिद्रता च स्वजनेषु वैरं ।
नीचप्रसङ्ग: कुलहीनसेवा चिह्नानि देहे नरकस्थितानाम् ॥

Extreme of anger, harsh speech, poverty, enmity with relatives,
association with evil men, service of people from not so good a family –
these are the marks of people living in Hell.

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