कर्ण के कवच और कुंडल
कर्ण के पास उसका कवच और कुंडल है भगवान कृष्ण यह भली-भांति जानते थे कि जब तक कर्ण के पास उसका कवच और कुंडल है, तब तक उसे कोई नहीं मार सकता। तब कृष्ण...
समस्त ब्रह्मक्षत्रिय समाज
कर्ण के पास उसका कवच और कुंडल है भगवान कृष्ण यह भली-भांति जानते थे कि जब तक कर्ण के पास उसका कवच और कुंडल है, तब तक उसे कोई नहीं मार सकता। तब कृष्ण...
अमावस्या और पूर्णिमा के बीच के अंतराल को शुक्ल पक्ष कहा जाता है। अमावस्या के बाद के 15 दिन इस पक्ष में आते है। अमावस्या के अगले ही दिन से चन्द्रमा का आकर बढ़ना...
भगवान शिव के कई पवित्र धामों में एक धाम अमरनाथ गुफा भी है। अमरनाथ की यह गुफा जम्मू-कश्मीर राज्य में स्थित है। मान्यता के अनुसार भगवान शिव ने माता पार्वती को इसी गुफा में...
पाण्डवों के दूत के रूप श्रीकृष्ण जब पांडवों का वनवास और अज्ञातवास समाप्त हो गया तब श्रीकृष्ण ने इस विनाशकारी युद्घ को टालने के लिए विराट नगरी से पाण्डवों के दूत के रूप में...
गणेश की पूजा इस दिन भगवान गणेश की पूजा का विशेष विधान बताया गया है। इस दिन गणेश पूजन से सभी मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं और कष्ट दूर हो जाते हैं। सावन माह में...
सावन सोमवार व्रत दिन के तीसरे पहर यानी शाम तक रखा जाता है। सुबह स्नानादि नित्य कर्म करने के बाद व्रत का संकल्प करना चाहिए। इसके बाद गंगाजल, बेलपत्र, सुपारी, पुष्प, धतूरा, दूवी आदि...
भगवान श्रीहरि विष्णु ने धर्म की रक्षा हेतु हर काल में अवतार लिया। वैसे तो भगवान विष्णु के अनेक अवतार हुए हैं लेकिन उनमें 10 अवतार ऐसे हैं, जो प्रमुख रूप से स्थान पाते...
आखिर क्या है शिवजी की पूजा में बेलपत्र का महत्व? जब भी हम भगवान शिव की पूजा-अर्चना करते हैं तो हम उन्हें गंगा जल, पुष्प, दूध, बेलपत्र इत्यादि अर्पित करते हैं। कहा जाता है...
कुंती श्रीकृष्ण के पिता वसुदेव की बहन और भगवान कृष्ण की बुआ थीं। एक बार कुंती की सेवा से ऋषि दुर्वासा ने प्रसन्न होकर उन्हें एक गुप्त मंत्र दिया और कहा, इस मंत्र जप...
भगवान विष्णु को शंख बहुत ही प्रिय है। शंख से जल अर्पित करने पर भगवान विष्णु अति प्रसन्न हो जाते हैं लेकिन भगवान शिव की पूजा में शंख का प्रयोग नहीं होता है। इन्हें...
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