सोमवती अमावस्या आज

इस दिन क्या करें और क्या नहीं करें?

इस साल सोमवती अमावस्या 14 दिसंबर, सोमवार को मनाई जाएगी। पुराणों के अनुसार, सोमवती अमावस्या के दिन स्नान, दान-पुण्य और दीपदान करने का बहुत महत्व है। इस दिन गंगा या अन्य किसी पवित्र नदी अथवा जलकुंड में स्नान करना बहुत फलदाई है। परन्तु इस साल कोरोना महामारी के चलते नदियों में स्न्नान करना संभव न हो तो घर पर सूर्योदय से पूर्व नहाने के जल में गंगा जल डालकर स्न्नान कर सकते हैं। मान्यता है कि सोमवती अमावस्या पर इन कामों को करने से आपके जीवन में सुख-सौभाग्य की बरसात होगी, वहीं कुछ काम ऐसे है जिन्हें इस दिन करने से आपका जीवन कष्टों से भर सकता है।

सूर्योदय से पूर्व स्नान :

इस दिन गंगाजी या अन्य पवित्र नदियों में स्नान करना बहुत पुण्यकारी माना गया है। स्नान का उत्तम समय सूर्योदय से पूर्व माना जाता है। मान्यता है कि सोमवती अमावस्या पर विधिवत स्न्नान करने से भगवान विष्णु की कृपा हमेशा बनी रहती है। यदि आप नदियों में स्नान करने नहीं जा सकते तो आप घर में ही थोड़ा सा गंगाजल नहाने के पानी में मिलाकर स्नान करें। मान्यता यह भी है कि इस दिन विधिवत स्नान करने से पितरों की आत्मा को शांति मिलती है।

उगते हुए सूर्य को जल अर्घ्य :

पदमपुराण के अनुसार पूजा, तपस्या, यज्ञ आदि से भी श्री हरि को उतनी प्रसन्नता नहीं होती, जितनी कि प्रातः स्नान कर जगत को प्रकाश देने वाले भगवान सूर्य को अर्घ्य देने से होती है। इसलिए पूर्व जन्म और इस जन्म के सभी पापों से मुक्ति और भगवान सूर्य नारायण की कृपा प्राप्त करने के लिए प्रत्येक मनुष्य को नियमित सूर्य मंत्र का उच्चारण करते हुए सूर्य को अर्घ्य अवश्य प्रदान करना चाहिए।

सोमवती अमावस्या पर करें पूर्वजों की आराधना

पीपल की पूजा:

माना जाता है कि अमावस्या के दिन पीपल के वृक्ष में पितरों का वास होता है। इस दिन पीपल और भगवान विष्णु का पूजन किया जाए तो सभी मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं। लक्ष्मीजी की कृपा पाने के लिए इस दिन मीठे जल में दूध मिलाकर चढ़ाएं, क्योंकि इस दिन पीपल के पेड़ पर मां लक्ष्मी का वास माना जाता है। पूजन के बाद पीपल की 11 या 21 बार परिक्रमा करके जीवन में आने वाली सभी समस्याएं खत्म होने के लिए प्रार्थना करें।

दान-पुण्य करना है लाभकारी:-

इस दिन अन्न, दूध, फल, चावल, तिल और आवंले का दान करने से पुण्य की प्राप्ति होती है। गरीबों, साधु, महात्मा तथा ब्राह्मणों को भोजन करवाना चाहिए और उन्हें कम्बल आदि ऊनी कपड़े दान करने चाहिए। स्नान- दान आदि के अलावा इस दिन पितृ श्राद्ध करने से परिवार पर पितरों की कृपा बनी रहेगी।

इस दिन क्या न करें?

  • आज के दिन नहाते समय और नहाने से पहले तक कुछ न बोलें, हो सके तो आज के दिन कुछ समय के लिए मौन धारण अवश्य करें।
  • सोमवती अमावस्या के दिन भूलकर भी तामसिक भोजन जैसे मांस, मदिरा, अंडा, प्याज, लहसुन का प्रयोग न करें।
  • घर में लड़ाई-झगड़ा नहीं करें। झगड़े और विवादों से बचना चाहिए।
  • झूठ न बोलें और किसी को कड़वे वचन न कहें।
  • आज के दिन शरीर पर तेल नहीं लगाना चाहिए और तेल मालिश नहीं करें।
  • इस दिन स्त्री-पुरुषों को ब्रह्मचर्य का पालन करना चाहिए।

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